अक्सर होता है कि, व्यक्ति अपने ही जीवन मे happiness , sadness का सही तालमेल नही रख पाता । देखने को यही मिलता हैं , की sadness में sad और happiness में भी sad ...... क्योंकि हम डरते हैं , हम डरते हैं , उन ख़ुशी भरे लम्हो को खोने से , जो हमारे हुए भी नहीं हैं यदि मेरी सुनो तो एक बात कहूँ , दिन में सुबह present के लिए मेहनत करो , दोपहर में future के लिए अपने को मजबूत करो और शाम में past पर एक नज़र डाल लेना । अगले दिन यही फिर से , कब मंजिल मिल जाएगी पता ही नही लगेगा , ध्यान रहे , नई दिन ,नई सुबह, नई सोच। ...